Header Ads

Ishq Unlimited / इश्क़ अनलिमिटेड

  

  • ₹260.00
  • by Ashfaq Ahmad  (Author)
  • Book: Ishq Unlimited
  • Paperback: 264 pages
  • Publisher: Gradias Publishing House
  • Language: Hindi
  • ISBN-13: 978-8199929340
  • Product Dimensions: 22 x 14 x 2 cm

'इश्क़ अनलिमिटेड' एक ऐसा कहानी संग्रह है जो रोमांस में डूबी दस कहानियों को अपने आप में समेटे है। कुछ कहानियां मुकम्मल हुए इश्क़ की दास्तान कहती हैं, तो कुछ ऐसी हैं जो अधूरी रह गई मुहब्बत के साथ मन में एक कसक छोड़ जाती हैं।

पहली कहानी ‘इश्क़ अनलिमिटेड’ दो ऐसे लोगों के इश्क़ की कहानी है, जिसमें लड़की एक वादे को निभाने में अपनी जवानी स्वाहा कर देती है, और लड़का मरने के बाद भी वापस लौट आता है कि उसे उनकी कहानी को पूरा करना था।

दूसरी कहानी 'संय्या बेईमान', प्रेमिका द्वारा छोड़े गये ऐसे युवक की कहानी है, जो ख़ुद को साबित करने के लिये ग़लत रास्ता अख्तियार कर लेता है और उस पथ पर हर लड़की उसके लिये शिकार हो जाती है।

तीसरी कहानी 'कसक' बिछड़ गये उस इश्क़ का फसाना है जहां जातिवाद से जकड़े समाज में मिल पाना मुमकिन ही नहीं था— लेकिन बिछड़ने के बाद भी प्रेमी न अपनी मुहब्बत भूलता है और न ही अपना फ़र्ज।

इस संग्रह की चौथी कहानी 'अधूरे ख्वाब' बिछड़ने के बाईस साल बाद एक शादी में वापस टकराये एक कपल की कहानी है, जो उस इत्तेफाक पर अपना अतीत याद करते उसी दौर को जीने लगते हैं।

पांचवीं कहानी है 'सात दिन का इश्क़', जो बताती है कि सपने देखने वाले प्रेमियों का जब विपरीत सच्चाई से सामना होता है तो कैसे उनका प्यार हवा हो जाता है और वे अलग रास्तों पर बढ़ जाते हैं।

छठी कहानी है 'वह पहला सा इश्क़', जो एक ऐसे युवक की कहानी है, जिसे कच्ची उम्र से ही एक लड़की से प्यार हो गया था और इत्तेफाक से पांच साल बाद वह उसे एक ऐसे सफ़र पर टकरा जाती है, जहां ख़राब हालात के चलते दोनों को एक जगह रुकना पड़ता है।

सातवीं कहानी 'प्रेम में पड़ी लड़की' मोबाईल गेम के सहारे एक लड़के के चक्कर में पड़ गई लड़की की कहानी है, जो अपने प्रेमी के पास पहुंचने के लिये घर से भाग निकलती है, लेकिन उस तक पहुंचने से पहले ही उसकी ज़िंदगी में एक अलग रास्ते की गुंजाइश बन जाती है।

इस कहानी संग्रह की आठवीं कहानी 'तुम वह तो नहीं' उस साहित्यप्रेमी युवक की दास्तान है, जिसे एक खास लम्हे में एक लड़की से प्यार हो जाता है और उसे पाने के लिये वह नैतिक-अनैतिक सभी रास्ते अख्तियार करता है, लेकिन जब हासिल कर पाता है तो पता चलता है कि वह लम्हा ही मात्र एक भ्रम था, जिसके भरोसे उसका इश्क़ टिका हुआ था।

नवीं कहानी 'लिखे जो खत तुझे' उस 'पेन लवर' की कहानी है जो एक लेखक के शब्दों से ही प्रभावित हो उसे दिल दे बैठती है और हर हफ्ते उसे एक चिट्ठी लिखती है, लेकिन अंततः उसे यह भान होता है कि वह एक भ्रम में थी।

'बंसी वाला इश्क़' इस संग्रह की दसवीं कहानी है जो सिर्फ बांसुरी की धुन सुन कर बांसुरी वाले के प्रेम में पड़ जाने वाली लड़की की दास्तान है, जो एक बार इस इश्क़ में पड़ने के बाद फिर इस इश्क़ से उबर ही नहीं पाती। 



To Buy this Book, Click Here:


No comments